blogging in hindi

How to learn blogging in hindi | Blogging क्या होता है

learn blogging in hindi –

किसी खास टॉपिक से जुड़े इन्फॉर्मेशन को Text/image/video के माध्यम से वेबसाइट के द्वारा
प्रकशित करना और लोगों से उस टॉपिक के बारे में जानकारी साझा करना blogging कहलाता है |

ऐसे इनफार्मेशन जो किसी खास टॉपिक के ऊपर काफी डिटेल्स में वेबसाइट के ऊपर
लिखे हो वो ब्लॉग कहलाता है |

जो लोग इस तरह का इन्फॉर्मेशन वेबसाइट के माध्यम से लोगो को साझा करते हैं
उन्हें ब्लॉगर कहते हैं |

blogging से जुड़े एक शब्द उभर कर आता है niche वेबसाइट | जब वेबसाइट पर किसी बड़ी
मार्केट के किसी विशेष टॉपिक के बारे में इन्फॉर्मेशन लिखा जाता है तो उसे niche वेबसाइट
बोला जाता है |

Blogging क्या है

जब हमें किसी भी खास टॉपिक के बारे में ज्यादा जानकारी चाहिए होता है तो
हम गूगल या अन्य सर्च इंजन पे उस टॉपिक को सर्च करते हैं और गूगल उस
टॉपिक से जुड़े जानकारी वाले वेबसाइट को सर्च कर के हमारे सामने रख
देता है |

फिर हमें जो इन्फॉर्मेशन चाहिए वो उस वेबसाइट के मदद से प्राप्त कर
लेते हैं | जो इन्फॉर्मेशन हमें उस वेबसाइट के मदद से मिलता है वो ब्लॉग
कहलाता है | और जो लोग ये इन्फॉर्मेशन उस वेबसाइट पे लिखता है उसे ब्लॉगर
बोलते हैं और इस लिखने की पक्रिया को blogging बोला जाता है |

Blogging History

blogging का शुरुआत 1990s के दशक में हुआ | उस समय blogging लोगों की
निजी डायरी के सामान थी | लोग अपने रोज की जिंदगी के बारे जिस प्रकार से डायरी
में लिखते हैं ठीक उसी प्रकार ऑनलाइन इंटरनेट में अपने बारे में या अपने काम के
बारे में इन्फॉर्मेशन निजी डायरी के तरह लिखते थे और लोगों से साझा करते थे |

धीरे-धीरे लोगों को इसमें संभानाएं दिखने लगा | ब्लॉगर को लगा की अगर और भी जरूरी
जानकारी इसी तरह से ऑनलाइन साझा की जाये तो लोगों को कुछ नयी चीजें जानने
में आसानी होगी और फिर वहीं से ये blogging का कांसेप्ट उभरकर आया |

बाद में advertisement और मार्केटिंग तकनीक का प्रयोग कर के blogging से लोग पैसा भी
कमाने लगे जिससे ये एक पेशा बन गया और काफी लोग blogging एक बिज़नेस के तरह करने
लगे | अब तो blogging पूरी तरह से बिज़नेस बन चूका है और इसे कंटेंट मार्केटिंग बोला जाता है |

meaning of blogging in hindi

  • चिट्ठा
  • ब्लॉग
  • वेबदैनिकी

Blogging कैसे करें

ब्लॉगिंग शुरू करने से पहले ब्लॉग कितने प्रकार का होता है उसके बारे में जानना
जरूरी है |

Types of Blogs :

  • Business Blogs
  • Music Blogs
  • Lifestyle Blogs
  • Fashion Blogs
  • Fitness Blogs
  • Sports Blogs
  • Food Blogs
  • Travel Blogs
  • Political Blogs
  • Movie Blogs
  • Personal Blogs
  • Finance Blogs

ब्लॉग के प्रकार और विवरण ( Description of blogging in hindi)

अलग-अलग प्रकार के ब्लॉग के अंदर क्या-क्या जानकारी लिखा जाता है उसके
बारे में आइये डिटेल्स से जानते हैं –

Business Blogs

बिज़नेस ब्लॉग के अंदर corporate एजेंसी और इंडस्ट्री के बारे में ब्लॉग लिखा
जाता है | बिज़नेस न्यूज़ अपडेट, प्रोडक्ट, industry updates, expert टिप्स,
company news और बिज़नेस के बारे में सभी जानकारी को बिज़नेस ब्लॉग में
लिखा जाता है |

Music Blogs

म्यूजिक ब्लॉग के अंदर अलग-अलग प्रकार के म्यूजिक के बारे में लिखा जाता है
जो म्यूजिक ट्रेंडिंग में होता है उसके बारे में भी म्यूजिक ब्लॉग के अंदर लिखा जाता
है |

Lifestyle Blogs

लाइफ स्टाइल ब्लॉग के अंदर काफी तरह के टॉपिक होता है जैसे – कला , सांस्कृतिक,
अलग अलग सोसिटी के लाइफ स्टाइल के बारे में ब्लॉग लिखा जाता है |
लाइफ स्टाइल ब्लॉग काफी लोकप्रिय ब्लॉगिंग के प्रकार में से एक है |

Fashion Blogs

फैशन ब्लॉग के अंदर ट्रेंडिंग फैशन से जुडी कंटेंट लिखा जाता है | मार्केट में कौन सा
ब्रांड अच्छा है और ट्रेंडिग फैशन से जुड़े प्रोडक्ट के बारे में कंटेंट लिखा जाता है |
फैशन ब्लॉग के भी बड़ी संख्या में रीडर इंटरनेट पे मौजूद है |

Fitness Blogs

फिटनेश ब्लॉग के अंदर फिटनेस से जुडी टिप्स और फिटनेस से जुड़े प्रोडक्ट के
बारे में लिखा जाता है | योग ,व्यायाम इत्यादि के बारे में टिप्स और जानकारी,
अलग अलग तरह के प्रोडक्ट जो फिटनेस के लिए जरूरी है उसके बारे में सलाह
फिटनेश ब्लॉग में लिखा जाता है |

Sports Blogs

दुनिया के अलग-अलग देशो में अलग-अलग तरह के खेल होते हैं उन खेलों
के बारे में जानकारी स्पोर्ट्स ब्लॉग के ऊपर लिखा जाता है | स्पोर्ट्स ब्लॉग के अंदर
किस देश में कौन सा खेल का चल रहा है उसके बारे में अपडेट और अलग-अलग खेल
से जुडी जानकारी उस खेल को खेलने के तरिके और खलाड़ी के बारे में लिखा जाता है |

Food Blogs

फ़ूड ब्लॉग के अंदर अलग- अलग तरह के खाने की जानकारी लिखी जाती है |
फ़ूड ब्लॉग के अंदर फ़ूड प्रोडक्ट और उसके बनाने के विधि के बारे में ब्लॉग लिखा
ज्यादा प्रचलन में है | अलग-अलग तरह के फ़ूड आइटम को बनाते हुए वीडियो रिकॉर्ड
कर के फिर उससे जुडी जानकारी और विधि को डिटेल्स में अपने ब्लॉग पे लिखते हैं और
वीडियो के साथ कंटेंट को पब्लिश करते हैं |

फ़ूड ब्लॉग भी काफी लोक्रपिय है | अभी इंटरनेट के माध्यम से काफी लोग नए-नए फ़ूड
आइटम को बनाना सीखते हैं और अपने घर में उसको बनाने की कोशिश करते हैं |

Travel Blogs

ट्रेवलर ब्लॉग के अंदर नए-नए जगह के बारे में जानकरी लिखी जाती है | ट्रेवलर ब्लॉग
इन दिनों काफी ज्यादा लोकप्रिय है | काफी लोग जो अलग- अलग अच्छी जगह घूमने में
रूचि रखते हैं वो इस तरह की जानकारी इंटरनेट पे खोजते रहते हैं | हरेक शहर में कोई न कोई
प्रसिद्ध स्थल होता यही जहा लोग छुटियो में घूमने जाते हैं | ऐसी जगह जाने से पहले उस स्थल
तक पहुंचने की दुरी, रास्ते , किराया , वहाँ की भाषा , खान-पान इन सब चीजों के बारे में इंटरनेट पे
सर्च करते हैं जो की ट्रेवलर ब्लॉग के माध्यम से ये जानकारी दी जाती है |

Political Blogs

Political ब्लॉग के अंदर राजनीति के बारे में कंटेंट लिखा जाता है |अलग-अलग
राजनीती दल और उनके लीडर के बारे में इफॉर्मेशन, राजनीती न्यूज़ अपडेट
इत्यादि जानकारियां Political ब्लॉग के माध्यम से लोगों तक साझा की जाती है |

Movie Blogs

मूवी ब्लॉग के अंदर अलग-अलग तरह के सिनेमा के बारे में लिखा जाता है | अलग-अलग
भाषा और जॉनर की अच्छी मूवी की लिस्ट मूवी ब्लॉग के माध्यम से साझा किया जाता है |
काफी सारे मूवी ब्लॉग वेबसाइट पे फिल्म के रिव्यु भी दिए जाते हैं |

कुछ मूवी ब्लॉग के अंदर फिल्म गॉसिप और फिल्म के ट्रेंडिंग न्यूज़ लिखी जाती है | इसके
अंदर काफी बड़ी और अलग-अलग टॉपिक है |
बिज़नेस के नजर से देखा जाये तो मूवी ब्लॉग काफी लाभदायक हो सकता है |

Personal Blogs

पर्सनल ब्लॉग के अंदर अपने बारे में ब्लॉग लिखा जाता है | पर्सनल ब्लॉग निजी डायरी के सामान
होती है इसमें अपने डेली-लाइफ से लेकर अपने अनुभव और भी जानकारी दूसरे लोगों से साझा
की जाती है | ब्लॉगिंग का शुरुआत पर्सनल ब्लॉग से ही हुआ था | बाद में चल कर ये पेशा
और बिज़नेस बन गया |

Finance Blogs

फाइनेंस ब्लॉग के अंदर बैकिंग, इन्सुरेंस,फाइनेंस न्यूज़ अपडेट , पैसे कमाने
और फाइनेंस से जुडी जानकारी के बारे ब्लॉग लिखी जाती है | इसके अंदर
पर्सनल लोन ,बचत, निवेश इन सब के बारे में सलाह दी जाती है और जानकारी
शेयर की जाती है |

How to learn blogging in hindi

ब्लॉगिंग सिखने के लिए अपने टॉपिक से जुड़े अन्य ब्लॉगर के ब्लॉग पढ़ सकते हैं | उनके ब्लॉग लिखने के
तरीके को देख सकते हैं |

ब्लॉग पे किसी भी इन्फॉर्मेशन को इस तरह से लिखा जाता है जो रीडर ब्लॉग पढ़ने वेबसाइट
को विजिट करें तो कंटेंट बोरिंग न लगे |
जितनी भी टेक्निकल टर्म है जैसे SEO, वेबसाइट डिज़ाइन , वेबसाइट स्पीड ये सब बाद में आता है
सबसे पहले कंटेंट कितना अच्छा और रुचिकर है वो मायने रखता है |

blogging शुरू करने से पहले ब्लॉगिंग सीखना बहुत जरुरी है |
ब्लॉग लिखने के कुछ तरीके होते हैं जैसे- टाइटल, मेटा डाटा, इन सब चीजों को
SEO को ध्यान में रख कर लिखना होता है ताकि सर्च इंजन आसानी से आपके ब्लॉग
यूजर के सामने सर्च रिजल्ट में दिखा सके |

Blog शुरू कैसे करें

Choose topic

ब्लॉग शुरू करने से पहले ये निर्णय लेना होता है की किस टॉपिक के ऊपर ब्लॉगिंग करना है |
टॉपिक वही चुनना चाहिए जिसमे अच्छी तरह से नॉलेज हो | ब्लॉगिंग का मुख्य चीज है कंटेंट |
कंटेंट अगर अच्छा होगा तभी आप एक सफल ब्लॉगर बन सकते हैं |

Content

अच्छी कंटेंट को पढ़ने के बाद लोग दुबारा उस ब्लॉग पे आते हैं जिससे ब्लॉग का ट्रैफिक और
ज्यादा बढ़ता है अगर लोग एक बार ब्लॉग पे आये और उन्हें उस पे लिखा हुआ कंटेंट पसंद नहीं
आया तो फिर जल्दी ही उस वेबसाइट से निकल जाते हैं और दुबारा से विजिट नहीं करते हैं |
जिस टॉपिक के ऊपर अच्छे से लिख सकते हैं वही टॉपिक ब्लॉगिंग के लिए चुनना चाहिए |

Choosing The Best Blogging Platform

ब्लॉग शुरू करने से पहले ये निर्णय लेना होता है की किस प्लेटफॉर्म पे Blogging करना है |
काफि सारे प्लेटफॉर्म है |

  • WordPress
  • Tumblr
  • Blogger
  • Squarespace
  • Wix
  • Medium
  • Ghost

इन सभी में वर्डप्रेस सबसे अच्छा ब्लॉगिंग प्लेटफार्म हैं | सेल्फ होस्टिंग के साथ
वर्डप्रेस पे कम समय में अपने वेबसाइट का सेटअप कर सकते हैं |

जो लोग बिलकुल कोडिंग नहीं जानते हैं वो भी वर्डप्रेस के साथ अपना
ब्लॉग वेबसाइट आसानी से शुरू कर सकते हैं | इंटरनेट का 30% वेबसाइट वर्डप्रेस
के ऊपर है | वर्डप्रेस पे ब्लॉग वेबसाइट बनाने पे पूर्ण नियंत्रण मिलता है |
कमेंट सिस्टम , फोरम, रजिस्ट्रेशन , चैटिंग ये सभी फीचर वर्डप्रेस पे आसानी से अपने
वेबसाइट में इस्तेमाल किया जा सकता है |
यही वजह है की वर्डप्रेस को सबसे बेहतरीन CMS(Content management system) माना जाता है

how to start blogging in hindi | ब्लॉगिंग हिंदी में कैसे शुरू करें

वैसे किसी भी भाषा में ब्लॉग लिखा जा सकता है लेकिन लिखते समय ये ध्यान जरूर रखना
चाहिए की उस ब्लॉग को कौन और कहाँ का रीडर पढ़ेगा | अगर ब्लॉग हिंदी में लिखा जाता है तो
उसके सिर्फ हिंदी भाषा के रीडर होंगे और यदि अंग्रेजी में लिखा जाता है तो वो अंग्रेजी भाषा के
रीडर होंगे | ब्लॉग शुरू करने से पहले टॉपिक और भाषा का निर्णय कर लेना जरुरी होता है |

select Topic | विषय का चयन करें

हमेश ब्लॉग शुरू करने से पहले विषय का चयन बहुत ध्यान से करना चाहिए | नए ब्लॉगर को
ऐसे विषय का चयन करना चाहिए जिसमे उसको काफी अच्छी नॉलेज हो तभी अच्छे से
उस टॉपिक के बारे में लिख पायेगा |
ब्लॉग में कंटेंट की क्वालिटी सबसे पहले आता है उसके बाद कोई टेक्निकल टर्म आता है जिस
पे ध्यान देने की जरूरत होती है |

Choose Domain and Hosting | डोमेन नाम चुनें

डोमेन नाम चुनने के समय ये ध्यान रखना चाहिए की डोमेन नाम छोटा है | डोमेन नाम
वेबसाइट और ब्लॉग के टॉपिक से मिलता जुलता हो|

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डोमेन नाम क्या होता है

अच्छी होस्टिंग प्रोवाइडर से होस्टिंग खरीदनी चाहिए | होस्टिंग अच्छा कंपनी से नहीं
होने पे वेबसाइट slow हो जाता है|
वेबसाइट की स्पीड भी वेबसाइट के ट्रैफिक और SEO को प्रभावित करता है |

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होस्टिंग क्या है

SEO (Search Engine Optimization)

ब्लॉग लिखते समय सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन को ध्यान में रख के लिखना चाहिए |
वैसे तो कोई पुख्ता नियम नहीं है की उस नियम को फॉलो करने से सर्च इंजन आपके
वेबसाइट को सबसे ऊपर सर्च रिजल्ट में दिखायेगा | लेकिन कुछ तरीके हैं जिससे
वेबसाइट के कंटेंट को सर्च इंजन के लिए ऑप्टीमाइज़्ड बनता है |

1. On page SEO :

प्रॉपर टाइटल , हेडिंग, मेटा डाटा, link url, keyword ये सब सर्च इंजन को ध्यान
में रख कर लिखना होता है | इसको On Page SEO बोलते हैं |

2. Off page SEO :

बैकलिंक्स बनाना और अपने वेबसाइट के पेज को लिंक करना Off page SEO कहलाता है |

पोस्ट के अंदर दो तरह से लिंक बनाये जाते हैं-

  • Internal links:

ब्लॉगर जब कई सारे पोस्ट एक ही टॉपिक के अंदर लिखता है और एक पोस्ट में
किसी दूसरे पोस्ट का जिक्र होता है तो वह पे उस दूसरे पोस्ट के जानकरी को फिर से दुबारा न लिख
कर उसी पोस्ट के लिंक लगा दिया जाता है | और जब यूजर को जरूरत होता है तो दूसरे पोस्ट पे उस
लिंक के माध्यम से पहुँच जाता है | इसको इंटरनल लिंक बोलते हैं |

  • Outbound links:

ये लिंक भी पोस्ट के अंदर ही बनाये जाते है लेकिन इस तरह के लिंक किसी दूसरे
वेबसाइट को टारगेट करता है | मान लें , ब्लॉगर अगर किसी सॉफ्टवेयर के बारे में बता रहा है और
फिर उस सॉफ्टवेयर कंपनी के वेबसाइट तक पहुंचने के लिए लिंक लगाता है तो वो Outbound links
कहलता है |

  • Backlinks:

जब कोई दूसरा वेबसाइट आपके ब्लॉग और वेबसाइट को लिंक के माध्यम से टारगेट
करता है तो उसे Backlinks बोलते हैं |

जैसे- फोरम , कमेंट , गेस्ट पोस्ट , ये सभी
चीजे अगर किसी दूसरे वेबसाइट पे करते हैं और वहां पे अपने वेबसाइट के लिंक को
लगाते हैं तो इस तरह के लिंक बिल्डिंग को Backlinks बोला जाता है | उस वेबसाइट का
का कोई भी यूजर उस लिंक के माध्यम से आपके वेबसाइट तक पहुँच तक सकते है |

अच्छे से SEO करने से वेबसाइट का गूगल सर्च इंजन में रैंक करने का चांस बढ़
जाता है और जब वेबसाइट गूगल सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर रैंक करेगा तो जायदा
ट्रैफिक मिलने की भी चांस होता है |

3. Social Promotion

सोशल मीडिया के माध्यम से अपने ब्लॉग का प्रमोशन कर सकते हैं | सोशल शेयर करने
से भी SEO में मदद मिलता है और पेज रैंक करने का संभावना बढ़ जाता है | ये कुछ सोशल
नेटवर्किंग साइट है जहाँ पे अपने ब्लॉग के लिंक को सबमिट कर सकते हैं |

Facebook
Twitter
Pinterest
LinkedIn
reddit

Submit Your Site on Google Search Console

दुनिया का नंबर -1 सर्च इंजन Google , वेबसाइट और ब्लॉग ओनर को एक फ्री टूल देता है जिसको
Webmaster Tools टूल बोलते हैं |
Google Search Console में एक बार वेबसाइट को सबमिट करना होता है उसके बाद Google खुद
उस वेबसाइट के लिंक को इंडेक्स कर लेता है और वेबसाइट ओनर को उस वेबसाइट के
परफॉरमेंस , ट्रैफिक , ये सभी का रिपोर्ट देते रहता है | अगर वेबसाइट के किसी Url के index होने में कुछ
प्रॉब्लम है तो Google ईमेल के मध्यम से उस वेबसाइट के लिंक को ठीक करने का सलाह देता है |

Content Quality | सामग्री की गुणवत्ता

ब्लॉग लिखने वक़्त अपने टॉपिक के ऊपर टिके रहना बहुत जरूरी होता है | टॉपिक से
जुड़े इनफार्मेशन नहीं होने पे ब्लॉग का बाउंस रेट बढ़ने लगता है |

बाउंस रेट का मतलब होता है कोई यूजर आपके ब्लॉग पेज पे आया और कितना देर उस
पेज पे टिका रहा |अगर इनफार्मेशन सही और रुचिकर नहीं है तो यूजर जल्दी ही उस ब्लॉग
से निकल जाते हैं |

अगर किसी वेबसाइट का बाउंस रेट बढ़ता है तो गूगल को उस वेबसाइट के बारे में बुरा
सिग्नल मिलता है और अगली बार उसी सर्च क्वेरी पे उस वेबसाइट को निचे रैंक पे दिखाता
है |

अगर वेबसाइट पे किसी टॉपिक के ऊपर इनफार्मेशन सही है तो वेबसाइट पे जो लोग आते हैं वो पूरी
इनफार्मेशन पढ़ते हैं जिससे बाउंस रेट कम होता हैं और उस वेबसाइट के बारे में दूसरे लोग को सोशल
शेयर करते हैं जिससे ट्रैफिक भी बढ़ता हैं और गूगल को उस ब्लॉग वेबसाइट के बारे पॉजिटिव सिग्नल
मिलता हैं | जब भी कोई अगली बार गूगल में उस टॉपिक से जुड़े सर्च करेंगे तो उस वेबसाइट को गूगल
सबसे ऊपर दिखा सकता हैं |

अपने ब्लॉग या वेबसाइट को सेटअप करने के लिए निचे दिए लिंक पे क्लिक करे –

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WordPress पे अपना वेबसाइट कैसे बनाये

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