फिल्म के निर्माण

किसी फिल्म के निर्माण में अंतिम कार्य क्या है

किसी फिल्म के निर्माण में अंतिम कार्य क्या है:

किसी फिल्म के निर्माण में सबसे अंतिम कार्य पोस्ट-प्रोडक्शन प्रोसेस होता है | पोस्ट-प्रोडक्शन
प्रोसेस में फिल्म के शूटिंग के बाद की कार्य किया जाता है | फिल्म की एडिटिंग, कलर -ग्रेडिंग,
विजुअल-इफेक्ट्स इस्तेमाल, ऑडियो एडिटिंग , फिल्म -निर्माण के सबसे अंतिम की प्रक्रिया में किया
जाता है |

फिल्म निर्माण की प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न होती है :

  • प्री-प्रोडक्शन
  • प्रोडक्शन
  • पोस्ट-प्रोडक्शन

प्री-प्रोडक्शन प्रक्रिया के अंदर फिल्म की कहानी लिखी जाती है और फिल्म स्क्रिप्ट का स्टोरीबोर्डिंग
किया जाता है| लोकेशन स्काउटिंग, कास्टिंग ये सभी प्रक्रिया फिल्म निर्माण के प्री-प्रोडक्शन चरण में ही
संपन्न हो जाता है |

प्रोडक्शन चरण में फिल्म की शूटिंग किया जाता है | प्रोडक्शन प्रोसेस में फिल्म के सेट का निर्माण, लाइटिंग
और फिर फिल्म की शूटिंग की जाती है |

फिल्म के निर्माण में अंतिम कार्य एडिटिंग है

फिल्म-निर्माण की सबसे अंतिम चरण पोस्ट-प्रोडक्शन होता है | इस चरण में फिल्म की एडिटिंग, कलर-ग्रेडिंग,
ऑडियो एडिटिंग, का क्रय किया जाता है |

फिल्म एडिटिंग क्या होता है

फिल्म जब शूट होकर आता है तो वो छोटे-छोटे सीक्वेंस में और क्लिप में रहता है | फिल्म एडिटिंग
की प्रक्रिया में उन सभी क्लिप को एक साथ जोड़ा जाता और फिल्म के कहानी और उसके इमोशन के
हिसाब से ऑडियो इफेक्ट्स और बैकग्राउंड म्यूजिक को जोड़ा जाता है और ये प्रक्रिया फिल्म एडटिंग
कहलाता है |

फिल्म एडिटिंग करने के लिए वीडियो एडटिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमला किया जाता है |
ऑडियो और बैकग्राउंड म्यूजिक को अलग ऑडियो एडटिंग सॉफ्टवेयर के मदद से एडिट
कर लिया जाता है और फिर वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर के मदद से वीडियो और ऑडियो
को एक साथ जोड़ा जाता है |

वीडियो एडटिंग के समय ही अगर किसी सीन vfx यानि विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल करना हो तो
वो भी किया जाता है|

VFX विजुअल इफेक्ट्स क्या है

फिल्म-निर्माण में अगर किसी सीन में CGI (कंप्यूटर जनरेटेड इमेजरी) के मदद से तैयार किये गए
बैकग्राउंड का इस्तेमाल करना हो तो उस सीन में vfx तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है |
फिल्म शूटिंग के समय वैसे सीन को ग्रीन पर्दा के मदद से शूट किया जाता है और फिर पोस्ट-प्रोडक्शन
चरण में विजुअल इफेक्ट्स सॉफ्टवेयर के मदद से ग्रीन पर्दा को हटा दिया जाता है और बैकग्राउंड में
CGI (कंप्यूटर जनरेटेड इमेजरी) बैकग्राउंड का इस्तेमाल किया जाता है |

फिल्म में जितने भी स्टंट सीन होते हैं उन सभी में विजुअल इफेक्ट्स तकनीक का मदद लिया जाता है |
किसी सीन में अगर काफी ऊँची बिल्डिंग से छलांग लगा रहा है तो वैसे सीन को ग्रीन-पर्दा पे थोड़ी ऊंचाई
से छलांग लगाकर शूट कर लिया जाता है और एक्टर के सेफ्टी के लिए रस्सी से एक्टर को बांध दिया जाता है |
फिर पोस्ट-प्रोडक्शन में VFX सॉफ्टवेयर के मदद से ग्रीन स्क्रीन को हटा दिया जाता है और WIRE REMOVAL
तकनीक का प्रयोग क्र के एक्टर के सेफ्टी के लिए बंधा गया रस्सी या WIRE को हटा दिया जाता है |
फिर कम्पोज़िटिंग तकनीक का प्रयोग कर के CGI के मदद से तैयार किये गये बैकग्राउंड को जोड़ दिया जाता है |

फिल्म जब पूरी तरह से Edit हो जाती है तो फिर उसे कलर ग्रेडिंग किया जाता है|

(color grading ) कलर-ग्रेडिंग क्या है

फिल्म जब शूट होती है तो इमेज मे कोई कलर नहीं होता है | इसी लिए फिल्म के क्लिप को और सीन
को सिनेमेटिक बनाने के लिए कलर-ग्रेडिंग किया जाता है | कलर ग्रेडिंग करने के लिए कलर ग्रेडिंग
टूल का इस्तेमाल किया जाता है |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close Bitnami banner
Bitnami