Sound Fx Artist

Foley Artist साऊंड इफेक्ट्स आर्टिस्ट फिल्म में क्या करता है ?

What is Foley Artist साऊंड इफेक्ट्स आर्टिस्ट

साउंड इफेक्ट्स आर्टिस्ट को ही Foley Artistबोला जाता है । साउंड इफेक्ट्स आर्टिस्ट Foley Artist
फिल्म के “पोस्ट प्रोडक्शन डिपार्टमेंट” में होता है उसका मुख्य काम फिल्म में साउंड के ऊपर होता है
मतलब जो साउंड फिल्म सेट पे ठीक से रिकॉर्ड नहीं किया जा सकता है उसे दुबारा से तैयार करना ।
जब फिल्म शूट होती है तो उस सीन में जो भी एक्शन होता है उसके साउंड के रिकॉर्डिंग में एक्स्ट्रा
शोरगुल की आवाजे भी रिकॉर्ड हो जाती है जिसके वजह से साउंड सुनने अच्छा नहीं लगता है और
उस एक्स्ट्रा साउंड के वजह से विजुअली सीन भी ख़राब लगती है ।
यहाँ पे साउंड इफेक्ट्स आर्टिस्ट उस साउंड को दुबारा से तैयार करता है और सेट पे किये गए
रिकार्डेड साउंड की जगह रिप्लेस कर देता है जिसे ऑडियो मिक्सिंग कहते हैं ।

Sound Effects:

फिल्म में जैसे एक्टर की चलने की आवाजे, दरवाजे के खुलने लगने की आवाजे,
सीन में कुछ टूट रहा है तो उसकी आवाजे, या फिर कुछ विसुअल इफेक्ट्स इस्तेमाल किया गया है
जैसे की आग लगना, ब्लास्ट , बारिश का सीन है तो उसकी आवाजे, यहाँ तक की फिल्म में जो पत्ता सरकता है उसकी आवाजे भी ये Foley Artist

साउंड आर्टिस्ट ये बना कर देते हैंऔर ये सभी साउंड इफेक्ट्स एक स्टूडियो के अंदर तैयार किया जाता है ।
एक्चुअल में ये सभी आवाजे अलग अलग वस्तु के मदद से तैयार किया जाता है ।
जैसे अगर मान ले एक्टर के चलने की आवाजे है तो उसको तैयार करने के लिए ।
पहले सीन को ऑब्जर्व किया जाता है सीन में क्या है एक्टर के पैर में किस किस्म का जूता या चप्पल है ।
उसके हिसाब से साउंड भी बनाना परता है सीन में एक्टर रोड पे चल रहा है या घर में चल रहा है ।
अगर घर में चल रहा है तो घर का ग्राउंड कैसा है ये सभी छोटी छोटी चीजों को ध्यान में रख के

फिर साउंड को तैयार किया जाता है ।
जहा पे ये साउंड रिकॉर्ड होती है वहां पे काफी तरह के जुगाड़ किस्म की वस्तु रखी रहती है
चलने के आवाज के लिए भी काफी तरह के जूता-चप्पल रखा रहता है
और सीन के साथ जो अच्छा मैच करता हैउसके साथ साउंड को रिकॉर्ड किया जाता है । और भी
कई ऐसे साउंड है इफेक्ट्स है जिसे अलग-अलग सामान और ट्रिक्स के साथ तैयार किया जाता है ।
कौन सी चीजों को कैसे इस्तेमाल किया जायेगा ये साउंड इफेक्ट्स आर्टिस्ट Folley Artist के तजुर्बे के ऊपर निर्भर करता है ।

उदाहरण के तौर पे –

एक जोड़ी दस्ताने की मदद से पक्षी के फरफराने की आवाजे तैयार की जाती है |
वही अगर घोड़े की टाप की आवाजे तैयार करना हो तो उसमे नारियल के गोले को आधे से काट कर
और उससे तैयार किया जाता है | बड़ी और पतली धातु की प्लेट को मोड़ कर
बिजली की गड़गड़ाहट का साउंड तैयार किया जाता है पुरानी कुर्सी की मदद से चरमराती साउंड तैयार किया जाता है
इसी तरह के चीजों को इस्तेमाल कर के साउंड इफेक्ट्स तैयार किया जाता है
पहले छोटे-छोटे पार्ट में तैयार किया जाता है फिर उसको सॉफ्टवेयर की मदद से और अच्छा बनाया जाता है
फिर सभी साउंड को एक साथ जोड़ दिया जाता है जैसे डायलॉग हो गया , बैकग्राउण्ड म्यूजिक हो गया,
फिर साउंड इफेक्ट्स हो गया । साउंड इफेक्ट्स तैयार करना काफी क्रिएटिव काम है और
इसमें काफी ज्यादा अनुभव की जरुरत होती है ।

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