script writing in hindi

script writing in hindi | फिल्म स्क्रिप्ट लेखन हिंदी में सीखें

How to start Script writing in hindi |

जब कोई कहानी फिल्म के लिए लिखी जाती है तो उसे एक फॉर्मेट में लिखना होता
है और उसको स्क्रिप्ट/पटकथा/स्क्रीनप्ले बोलते हैं |
इस पोस्ट के माध्यम से प्रोफेशनल स्क्रिप्ट राइटिंग के प्रक्रिया और उसके स्ट्रक्चर के
बारे में डिटेल्स से जानेंगे |

कोई भी राइटर जो फिल्म के लिए लिखना चाहता है वो स्क्रिप्ट स्ट्रक्चर और राइटिंग फॉर्मेट
को सिख के अपने आईडिया को एक अच्छी फिल्म स्क्रिप्ट में बदल सकता है |

स्क्रिप्ट राइटिंग कैसे शुरू करें | start a Script writing in hindi

1. Generating Script Ideas

स्क्रिप्ट राइटिंग का शुरुआत आईडिया से होता है | किस तरह की फिल्म बनानी है और
उसका कहानी किस चीज से जुडी है वो आईडिया कहलाता है |

उदाहरण के लिए –
अगर हमें बायोपिक फिल्म बनानी है तो सबसे पहले उस तरह के पर्सनाल्टी को ढूँढना होगा
जिसकी कहानी लोगो को आकर्षित करती है और लोगो के लिए प्रेरणादायक भी हो |
अगर किसी स्पोर्ट्स पर्सन के ऊपर फिल्म बनानी है तो स्पोर्ट्स में से किसी महान पर्सनाल्टी
को ढूँढना होगा |

और यदि हमें सेना से जुड़े किसी वीर शहीद के ऊपर फिल्म बनानी हो तो
उनमे से बेहतरीन लोगों को चुनना होगा | उस पर्सन के बारे में जानकरी जुटाना
और उसको संक्षेप में लिखना आईडिया कहलाता है |

स्क्रिप्ट आइडिया कैसे Generate करें

स्क्रिप्ट आईडिया कहीं से आ सकता है | न्यूज़ स्टोरीज, पब्लिक डोमेन स्टोरीज, अपने
जीवन के अनुभव से या किसी व्यक्ति के जीवन के कहानी से कहीं से भी फिल्म के कहानी
का आईडिया आ सकता है |

एक बार आईडिया आ गया तब कहानी का Logline लिखा जाता है |

2. Craft a Logline

लॉगलाइन कहानी का एक संक्षिप्त सारांश है, जो एक वाक्य का होता है | लॉगलाइन के माध्यम से
नायक और उनके लक्ष्य के साथ-साथ (विलेन) प्रतिपक्षी और उनके संघर्ष का वर्णन करता है।
कहानी का मुख्य पात्र को हीरो/नायक बोलते हैं और विरोधी को खलनायक बोला जाता है
लॉगलाइन कहानी के भावना को और लक्ष्य को व्यक्त करता है |

 3. Write a Treatment

treatment कहानी का सारांश होता है जो 2-5 पृष्ठ का होता है जिसमें स्क्रीनप्ले का
शीर्षक, लॉगलाइन, मुख्य पात्रों की एक सूची और एक संक्षिप्त सारांश शामिल है।
जब भी स्क्रिप्ट-राइटर द्वारा किसी फिल्म निर्माता के पास फिल्म के स्क्रिप्ट को
को भेजा जाता है तो पूरी स्क्रिप्ट के जगह सिर्फ ट्रीटमेंट भेजा जाता है ताकि फिल्म निर्माता
को एक अनुमान आ जाये की स्क्रिप्ट की क्वालिटी पैसा और समय निवेश करने लायक है की नहीं |

पूरी फिल्म का निचोड़ ट्रीटमेंट के अंदर लिखा जाता है ताकि जो भी इसे पढ़े तो इस कहानी के
प्रवाह को समझ सके और उसके कैरेक्टर, कैरेक्टर के संघर्ष और उसका लक्ष्य को जान सके |

4. Develop Your Characters

फिल्म के कहानी में जो कैरेक्टर होता है उसका नेचर क्या है, उसका रवैया कैसा है ये सब चीजें
कैरेक्टर डेवलपमेंट प्रक्रिया के अंदर डेवलप किया जाता है |
काहनी के जो मुख्य किरदार है उसका लक्ष्य क्या है और उस लक्ष्य के प्राप्ति में जो भी बाधाएं
मिलती है उसका किस तरह से सामना करता है |

5. Plot and Outline|प्लॉट और रूपरेखा

plot घटनाओं का एक क्रम होता है और ये घटनाएं आपस में एक दूसरे से जुडी होती हैं | प्रत्येक
घटना अगले घटना को प्रभावित करती है |

Plot Structure of script writing in hindi

script writing in hindi
script writing in hindi

3 Act plot structure

  • Act1- establish
  • Act2- Build
  • Act3- Resolve

6. Write a First Draft | पहला ड्राफ्ट लिखें

आउटलाइन को ध्यान में रख कर अब अपने स्क्रिप्ट को हरेक सीन में प्रॉपर डायलॉग,कैरेक्टर,
एक्शन, और लोकेशन के साथ लिख सकते हैं | स्क्रिप्ट का एक फॉर्मेट होता है जिसको इस्तेमाल कर
के बेहतर स्क्रिप्ट का निर्माण किया जा सकता है |

Page format of script writing in hindi

Screenplay writer
Script Format example

स्क्रिप्ट राइटिंग का प्रक्रिया काफी आसान है | एक प्रोफेशनल स्क्रिप्ट के लिए standard format
का इस्तेमाल किया जाता है |

Standard format acording to StudioBinder

  • 12-point Courier font size
  • 1.5 inch margin on the left of the page
  • 1 inch margin on the right of the page
  • 1 inch on the of the top and bottom of the page
  • Each page should have approximately 55 lines
  • The dialogue block starts 2.5 inches from the left side of the page
  • Character names must have uppercase letters and be positioned starting 3.7 inches from the left side of the page
  • Page numbers are positioned in the top right corner with a 0.5 inch margin from the top of the page. The first page shall not be numbered, and each number is followed by a period.

StudioBinder screenwriting सॉफ्टवेयर के मदद से आसानी से फिल्म के कहानी
को लिखा जा सकता है |

List of Software used for script writing in hindi

script writing in hindi
script writing software

Format of script writing in hindi

script writing में सबसे पहले ट्रांजीशन से शुरुआत करना परता है | ट्रांजीशन को पेज में
सबसे ऊपर दाएं या बाएं तरफ लिखा जाता है |
स्क्रिप्ट में ट्रांजीशन में मुख्य रूप से FADE IN या फिर BLACK SCREEN लिखा होता है |

कुछ script writer ट्रांजीशन न लिख कर सीधे Scene Heading से शुरुआत करते हैं |

SCENE HEADING

सीन हेडिंग में कहानी के उस सीन के लोकेशन के बारे में लिखा जाता है | अगर सीन
Indoor में शूट होगा तो उसके लिए INT. लिखा जाता है और अगर outdoor में
शूट होगा तो उसके लिए EXT. लिखा जाता है | उसके साथ विवरण में Day/Night और
समय लिखा जाता है |

Action

फिल्म में क्या-क्या Action हो रहा है उसको स्क्रिप्ट में Action के पैराग्राफ में
लिखा जाता है | एक्शन के अंदर सीन के एक्टिविटी, कैरेक्टर के एक्शन को
डिटेल्स में लिखना होता है ताकि डायरेक्टर को उस सीन के परिस्थिति के बारे में
पता चल सके और एक्टर उस एक्शन के हिसाब से अपने आप को उस कैरेक्टर
में ढाल सके |

CHARACTER INTRODUCTIONS

उसके बाद अगले पैराग्राफ में कैरेक्टर और उसके बारे में डिटेल्स जानकारी लिखी
जाती है | जैसे – कैरेक्टर का नाम , उसका उम्र इत्यादि |

वैसे कैरेक्टर के बारे बिस्तृत जानकरी एक अलग पेज में लिखना होता है |
सबसे पहले एक पेज में जितने कैरेक्टर हैं उसकी लिस्टिंग कर ली जाती है और
फिर हरेक कैरेक्टर के बारे में जानकारी एक अलग-अलग पेज में लिखा जाता है |

DIALOGUE

उस कहानी में जो भी कैरेक्टर कुछ बोल रहा है उसको डायलॉग वाले पैराग्राफ में लिखा
जाता है | डायलॉग को हमेशा कैरेक्टर वाले पैराग्राफ के ठीक निचे लिखा जाता है |

script writing में डायलॉग का काफी अहमियत होती है | कोई भी अच्छी फिल्म
अच्छी कहानी के साथ-साथ डायलॉग से भी याद राखी जाती है |

INTERCUT

जब सीन के हेडिंग को दोहराया जाता है तो उस जगह INTERCUT का इस्तेमाल
किया जाता है | हरेक सीन हेडिंग के लिए अलग-अलग INTERCUT का इस्तेमाल होता है |

TRANSITION

एक सीन समाप्त होने के बाद जब दूसरा सीन शुरू होता है तो उसके बीच में TRANSITION का इस्तेमाल
होता है |

TRANSITION एडिटिंग का पार्ट है जब फिल्म शूट हो जाता है और पोस्ट-प्रोडक्शन की प्रक्रिया
में जाता है तो वहाँ पे दो सीन के बिच ट्रांजीशन डाला जाता है |
फिल्म एडिटर अपने हिसाब से ट्रांजीशन इस्तेमाल करता है लेकिन स्क्रिप्ट राइटर एक आईडिया के लिए
सीन TRANSITION लिख देता है |

Career in script writing in hindi

Script writing
Script writing in hindi

See Also :

हिंदी फिल्म की इंडस्ट्री काफी बड़ी है | फिल्म का डिजिटलीकरण होने से काफी लोग फिल्म
इंडस्ट्री में अपना बिज़नेस जमा रहे हैं | ऐसे में राइटर का डिमांड भी उसी रफ़्तार से बढ़ रहा है |
वैसे तो राइटर बहुत सारे होते हैं फिल्म इंडस्ट्री के अंदर पर एक अच्छी स्क्रिप्ट और एक अच्छे
script writer की डिमांड हमेशा रहती है |

अगर फिल्म इंडस्ट्री में एक script writer के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत करना चाहते हैं
तो उसके लिए खुद को तैयार करना जरुरी है | कहीं से ऑनलाइन या ऑफलाइन स्क्रिप्ट राइटिंग
का कोर्स कर के script writing में अपना कैरियर बना सकते हैं |

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